हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग नारायणबगड़ से आगे आमसोड में एक बड़ी चट्टान टूटने के कारण पिछले करीब 12 घंटों से यातायात के लिए बंद
पड़ा हुआ हैं।जिस कारण गढ़वाल से कुमाऊं एवं कुमाऊं के अलावा पिंडर घाटी से गढ़वाल जाने वाले दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं। इस स्थान पर सिमली से नारायणबगड़ आने वाली 33 केवी बिजली लाइन भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं जिससे पूरी पिंडर घाटी में बिजली सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई हैं।
गुरुवार की तड़के ग्वालदम-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग आमसोड़ के पास एक बड़ी चट्टान के टूट कर मार्ग में आ गिरने के कारण मार्ग यातायात के लिए बंद पड़ा हुआ हैं। बताया जा रहा है कि इस स्थान पर करीब 150 मीटर लंबाई में पूरी पहाड़ी खिसक कर मार्ग में आ गिरी हैं। मार्ग पर बड़े-बड़े बोल्डरों, पेड़ों एवं भारी मात्रा में मलवा आ गया है जिससे यह मार्ग पिछले 12 घंटों से यातायात के लिए बंद पड़ा हुआ हैं। जिस कारण कुमाऊं-गढ़वाल का सीधा यातायात संपर्क कट गया हैं, मार्ग अवरूद्ध होने के कारण इस सड़क पर दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं।बीआरो के द्वारा सड़क खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं, किंतु लगातार पहाड़ी से पत्थरों के गिरने के कारण मशीनें अपेक्षित कार्य नही कर पा रही हैं।अनुमान लगाया जा रहा हैं कि मार्ग आज देर रात अथवा शुक्रवार सुबह तक ही यातायात के खुल पाएगा। आमसोड़ में पहाड़ी के खिसकने से 123 केवी सब स्टेशन सिमली से नारायणबगड़, थराली, देवाल को आने वाली 33 केवी बिजली लाइन को भी खासी क्षति पहुंची हैं ऊर्जा निगम के एसडीओ अतुल कुमार ने बताया कि आमसोड़ में सड़क पर पहाड़ी गिरने के कारण 33 केवी के 5 पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्होंने बताया कि सड़क खुलने पर आज देर सांय तक लाइन की मरम्मत कर बिजली सप्लाई बहाल किए जाने के प्रयास किए जाएंगे।इधर लोनिवि थराली के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा एवं सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि नारायणबगड़, थराली व देवाल विकास खंडों में गत रात्रि हुईं भारी बारिश के कारण 5 सड़कें यातायात के लिए अवरूद्ध हो गई थी, जिनमें से कुछ सड़कें यातायात के लिए खोल दी गई हैं, और खोलने के प्रयास जारी हैं।











