हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। विश्व की सबसे लंबी एवं कठिन यात्राओं में सुमार श्री नंदादेवी बड़ीजात यात्रा होगी या नही होगी?पर नंदादेवी बड़ीजात यात्रा आयोजन समिति ने विराम लगा दिया हैं। समिति ने बड़ीजात को भव्य रूप से आयोजित किए जाने की बात कही हैं। जिसके लिए समिति की ओर से तैयारियां भी तेज करने की बात कही हैं। यात्रा का शुभारंभ 5 सितंबर को नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से होगा और 30 सितंबर को नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली में नंदादेवी के उत्सव डोले के गृभगृह में विराजमान होने के साथ ही समापन होगा।
श्री नंदादेवी बड़ीजात यात्रा 2026 के आयोजन की नंदादेवी आयोजन समिति कुरूड़ ने बीते बसंती पंचमी को नंदादेवी की बड़ीजात यात्रा आयोजित करने की घोषणा
कर दी थी। इसके साथ ही नंदादेवी के मुख्य पुजारियों गौड़ ब्राह्मणों ने नंदादेवी सिद्वपीठ कुरूड़ (नंदानगर) -घाट से यात्रा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया था। इस बीच नंदादेवी राजजात समिति नौटी के द्वारा राजजात को 2027 में आयोजित करने की घोषणा कर दी गई। जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, किंतु अब बड़ीजात समिति ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत ही बड़ीजात का आयोजन करने की प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है, नंदादेवी राजराजेश्वरी मंदिर, मेला समिति कुरूड़ द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत ही यात्रा आयोजित होगी। 5 सितंबर को सिद्धपीठ कुरूड़ से यात्रा का शुभारंभ होगा,12 सितंबर को यात्रा नंदकेशरी पहुंचेगी जहां पर गढ़वाल, कुमाऊं की यात्राओं का भावपूर्ण मिलन होगा।15 को यात्रा लाटू सिद्धपीठ वांण गांव पहुंचेगी जहां पर अन्य देव डोलियों के साथ ही नंदादेवी के धर्म भाई लाटू की भेंट होगी।16 को यात्रा निर्जन पड़ाव गैरोलीपातल पहुंचेगी। 20 को यात्रा शिला समुद्र से होमकुंड पहुंचेगी, जहां बड़ीजात की पूजा अर्चना के साथ ही चौसिंग्या खाडू को कैलाश के लिए विदा किया जाएगा। इसके बाद यात्रा वापसी के पड़ाव के तहत निर्जन पड़ाव जामुन डाली पहुंचेगी।21 को सभी देवा डोलियां,निशान नंदानगर के सुतोल गांव पहुंचेगी,22 को जहां अन्य देव डोलीयां,निशान नंदानगर के लिए प्रस्थान करेगी वही बधाण की नंदादेवी की देव डोली पुनः वांण गांव पहुंचेगी, इसके 30 सितंबर को नंदादेवी की उत्सव डोली सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली पहुंचेगी जहां पर नंदा मंदिर के गर्भगृह में 6 माह के प्रवास के लिए विराजमान हो जाएगी।
———–
बड़ीजात आयोजन कमेटी के अध्यक्ष पूर्व कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बड़ीजात यात्रा का भव्य आयोजन किया जाएगा, इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियां जारी हैं।बड़ीजात के आयोजन के संबंध में शासन, प्रशासन को सूचना एवं यात्रा कार्यक्रम पहले ही दे दी गई हैं। गुरुवार को सिद्धपीठ कुरूड़ में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, गौड़ ब्राह्मणों, एवं हक-हकूकधारियों ने एक स्वर में आयोजन की सफलता के लिए हरसंभव प्रयास की बात कही हैं।











