• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

डॉ. एस.आर. रंगनाथन की विरासत को समर्पित राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस का भव्य समारोह

12/08/24
in उत्तराखंड
Reading Time: 1min read
102
SHARES
127
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

ब्यूरो रिपोर्ट। आज राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, जिसका आयोजन सेंट्रल गवर्नमेंट लाइब्रेरी एसोसिएशन (CGLA) और दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर (DLRC) ने DLRC के मल्टी एक्टिविटी ऑडिटोरियम में संयुक्त रूप से किया। इस विशेष अवसर पर पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के जनक डॉ. सियाली राममृत रंगनाथन की 132वीं जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक पेशेवरों ने भाग लिया, जिन्होंने डॉ. रंगनाथन की विरासत को सम्मानित करते हुए पुस्तकालय पेशे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः प्रकट किया। कार्यक्रम की शुरुआत माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद भारतीय सैन्य अकादमी की श्रीमती हिमानी द्वारा सरस्वती वंदना की मधुर प्रस्तुति की गई, जिसने इस पवित्र दिन की शुरुआत को और भी विशेष बना दिया। श्री मनीष शर्मा द्वारा निर्मित एक वृत्तचित्र फिल्म, जो भारतीय सैन्य अकादमी से हैं, ने डॉ. एस. आर. रंगनाथन के जीवन और उनकी उपलब्धियों को संक्षेप में प्रस्तुत किया, जिससे पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में उनके स्थायी प्रभाव की झलक मिली। प्रतिनिधियों का स्वागत और उद्घाटन भाषणः श्री एन. रविशंकर, पूर्व मुख्य सचिव और DLRC के निदेशक, ने प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और दून लाइब्रेरी के विकास का परिचय दिया, इसके समुदाय की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सभी उपस्थित प्रतिभागियों से DLRC के आगे के सुधार में योगदान देने की अपील की, जिससे यह ज्ञान का एक ऐसा केंद्र बने जो सभी के लिए सुलभ हो। डॉ. बी.के. जोशी, अध्यक्ष और सलाहकार DLRC, ने सभा को संबोधित किया और लाइब्रेरी में हाल ही में किए गए सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 30 नए कंप्यूटर नोड्स का परिचय दिया, जो ई-लाइब्रेरी तक पहुंचने के लिए लगाए गए हैं, जिससे राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी (NDL) और DELNET की सदस्यता के माध्यम से व्यापक संसाधनों तक सहज पहुंच हो सके। इसके अलावा, उन्होंने बच्चों के लिए एक विशेष खंड की शुरुआत की घोषणा की, ताकि समुदाय के सबसे छोटे सदस्य भी पढ़ने के प्रति अपने प्रेम को विकसित कर सकें। वरिष्ठ प्रोफेसर ए.एस. खुल्लर, जिन्होंने स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद इस कार्यक्रम में भाग लिया, ने पुस्तकों और पुस्तकालयों के अपूरणीय महत्व पर सारगर्भित ढंग से विचार व्यक्त किए। उनकी बातों ने समाज में ज्ञान और संस्कृति को पोषित करने में पुस्तकालयों के गहरे प्रभाव को रेखांकित किया और उन्हें सीखने के केंद्र के रूप में देखा। उपलब्धियों का जश्न और भविष्य की योजनाएँ: CGLA के अध्यक्ष श्री रमेश गोयल ने संघ की उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण दिया और आगामी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के विषय “Taking Pride in Legacy – Libraries and Archives for Viksit Bharat” का अनावरण किया। यह सम्मेलन 17-19 अक्टूबर 2024 को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जो पुस्तकालय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन होगा।पाठकों की आवाजः इस कार्यक्रम में DLRC लाइब्रेरी के तीन नियमित पाठकों- श्रीमती मीनाक्षी कुकरेती भारद्वाज, श्री शाहेब नकवी, और सुश्री हिमानी डांगी ने भी भाग लिया और पुस्तकालयों और पुस्तकों के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लाइब्रेरी की सेवाओं को और अधिक लाभकारी बनाने के लिए सुझाव भी दिए। श्रेष्ठता का सम्मानः श्री चंद्रशेखर तिवारी ने DLRC की उल्लेखनीय यात्रा को साझा किया, जो एक छोटे से कमरे से शुरू होकर अब चार मंजिला ज्ञान के भंडार के रूप में प्रतिष्ठित हो चुका है। उन्होंने लाइब्रेरी में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का भी संक्षिप्त विवरण दिया, जिससे यह समुदाय का एक गतिशील केंद्र बन गया है। इस अवसर पर दो प्रमुख पुस्तकालयाध्यक्षों को उत्कृष्ट जीवनपर्यंत उपलब्धि पुरस्कार से भी सम्मानित किया गयाः प्रो. (डॉ.) एस.एन. पांडे, जो हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली से सेवानिवृत्त हुए हैं, और डॉ. सुसंता कुमार सेनापति, जो सीएसआईआर- सीबीआरआई, रुड़की से प्रमुख तकनीकी अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त हुए हैं। डॉ. पांडे ने अपने संबोधन में पुस्तकालय पेशे के प्रति आजीवन समर्पण के महत्व पर जोर दिया और सेवानिवृत्ति के बाद भी सक्रिय रहने के लिए पुस्तकालयाध्यक्षों को प्रेरित किया।  मुख्य भाषण और सम्मानः डॉ. संजीव चोपड़ा, आईएएस, पूर्व निदेशक IBSNA और वैली ऑफ वर्ड्स के संस्थापक, ने एक प्रेरणादायक मुख्य भाषण दिया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके शब्दों ने ज्ञानवर्धक और जागरूक समाजों के निर्माण में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। समापन से पहले, डॉ. चोपड़ा ने प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए, और सभी गणमान्य व्यक्तियों को CGLA के अध्यक्ष और महासचिव द्वारा सम्मानित किया गया। समापन टिप्पणीः इस कार्यक्रम का समापन DLRC के पुस्तकालयाध्यक्ष श्री जे.बी. गोयल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने इस दिन को एक शानदार सफलता बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री डी. के. पांडे द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने सहज और प्रभावशाली शैली से कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रमुख उपस्थितियाँः इस कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई, जिनमें डॉ एके सुमन, LIO, IGNFA, डॉ. इंदु नवानी, विभागाध्यक्ष, लाइब्रेरी एवं सूचना विज्ञान, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, देहरादून; डॉ. मनीषा अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, हिंदी, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, देहरादून; श्री राम सोनारे, उप विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष, देव संस्कृति विश्वविद्यालय; श्री आर. के. सूद; श्रीमती सी.एम. मामिकः श्री माला दत्ता; श्रीमती सुनीता अग्रवाल; श्री जगदीश; सुमन भारद्वाज, शगुन, गीतांजलि भट्ट, योगिता थपलियाल, प्रियंका, रेनुका, श्री सुंदर सिंह बिष्ट, और श्रीमती अंजना आदि प्रमुख थे।  राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस का यह उत्सव न केवल डॉ. रंगनाथन को एक श्रद्धांजलि थी, बल्कि पुस्तकालयों की उस अदम्य भावना का भी प्रमाण था, जो उन्हें ज्ञान और संस्कृति के गढ़ के रूप में स्थापित करती है। इस दिन ने पुस्तकालयों को सीखने और समुदाय को एकजुट करने वाले केंद्र के रूप में विकसित करने के मिशन को जारी रखने के सामूहिक संकल्प को पुनः पुष्ट किया।

Share41SendTweet26
Previous Post

सी.एम डैशबोर्ड ‘दर्पण 2.0’ की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये

Next Post

युवा किसी भी राष्ट्र की ऊर्जा होते हैं, युवाओं की शक्ति समाज एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है

Related Posts

उत्तराखंड

नई मतदाता सूची ने दिखाई 2006 के परिसीमन को उसकी औकात

October 22, 2026
30
उत्तराखंड

पं. नैन सिंह रावत, जिन्होंने पैदल चलकर तिब्बत का नक्शा बनाया

October 21, 2026
9
उत्तराखंड

अमेरिका से लौटे डॉ योगी प्रकृति की गोद में पहुंचे

October 21, 2026
7
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित

October 21, 2026
6
उत्तराखंड

शिविर में बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी दी गई

October 21, 2026
38
उत्तराखंड

विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पृथ्वीकुल जापानी स्कूल के सहयोग से आयोजित एक सप्ताह का विशेष सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम

October 20, 2026
22

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67758 shares
    Share 27103 Tweet 16940
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38082 shares
    Share 15233 Tweet 9521
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37460 shares
    Share 14984 Tweet 9365
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37384 shares
    Share 14954 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

नई मतदाता सूची ने दिखाई 2006 के परिसीमन को उसकी औकात

October 22, 2026

पं. नैन सिंह रावत, जिन्होंने पैदल चलकर तिब्बत का नक्शा बनाया

October 21, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.