डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने तथा उपभोक्ताओं तक एलपीजी गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गैस एजेंसियों को होम डिलीवरी के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इसके बावजूद रानीपोखरी क्षेत्र में इन निर्देशों का पूर्ण पालन होता नजर नहीं आ रहा है। मंगलवार को रानीपोखरी गैस सर्विस के तीन वितरण वाहन उपभोक्ताओं के घर-घर सिलेंडर पहुंचाने के बजाय उन्हें एक स्थान पर बुलाकर वितरण करते दिखाई दिए। वहीं, जब इस संबंध में वाहन चालकों से कारण पूछा गया तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। रानीपोखरी स्थित सामुदायिक भवन/मेला ग्राउंड में गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया, जहां इंडियन गैस के तीन वाहनों से उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। तेज धूप और गर्मी के बीच लोगों को दूर-दूर से आकर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि डीएससी नंबर के बाद ही उन्हें गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं।
कई लोगों ने बताया कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पाई। आपको बता दे कि रानीपोखरी इंडियन गैस एजेंसी में 2062 का बैकलॉग लंबित है। एजेंसी संचालक जगदीश टम्टा का कहना है कि कई बार होम डिलीवरी के दौरान ऐसे लोग भी एकत्र हो जाते हैं जिनका नंबर नहीं आया होता, जिससे वितरण कार्य प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई गई, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन के निर्देशानुसार व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा रहा है और जल्द ही होम डिलीवरी पुनः शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि नोटिस और पोस्टरों में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि सिलेंडर घर पर ही उपलब्ध कराया जाएगा, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग गोदाम पहुंच रहे हैं। संचालक के अनुसार, मैदान में गैस वितरण एजेंसी द्वारा नहीं बल्कि प्रशासनिक बैठक में लिए गए निर्णय के तहत स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों के सहयोग से किया गया था। उनके सुझाव पर ही मैदान में लोगो को गैस का वितरण किया गया, ताकि लोगों में किसी प्रकार की घबराहट न फैले। “गैस वितरण प्रणाली को पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उक्त मामले के संबंध में जीएमवीएन के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। यदि ऐसा है तो एजेंसी संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”












