हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।श्री नंदादेवी बड़ी जात वर्सेज लोकजात यात्रा को लेकर खींचतान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा
है,एक के बाद एक भेजें जा रहें पत्रों को देख लगने लगा है कि राजनेता हों या कोई और उन्हें यात्रा से अधिक अपने को साबित करना अधिक महत्वपूर्ण लग रहा है, आयोजन कमेटियों द्वारा जिस तरह से एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं उससे तो कुछ यही साबित हों रहा है। 7 सितंबर को श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी बड़ी जात समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत के द्वारा जिलाधिकारी चमोली के चेतावनी पत्र के विरुद्ध तीन पेजों के प्रति उत्तर के बाद बुधवार को केंद्रीय समिति मां नंदा राजराजेश्वरी समिति बधाण देवराड़ा थराली के अध्यक्ष सुशील रावत ने जिलाधिकारी चमोली को एक पत्र भेज कर बड़ी जात यात्रा को गैर-परंपरागत बताते हुए इसे महत्व नही दिए जाने की मांग की हैं।
दरसअल 4 सितंबर को जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष को वांण गांव की ग्राम प्रधान नंदुली देवी के एक शिकायती पत्र पर एक चेतावनी पत्र जारी किया था, जिसके उत्तर में बड़ी जात समिति के अध्यक्ष पूर्व कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने जिलाधिकारी को तीन पेजों का एक पत्र भेज कर कानून, व्यवस्था एवं यात्रा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं के लिए शासन, प्रशासन की जिम्मेदारी बताईं थी। बुधवार को केंद्रीय समिति मां नंदा देवी राजराजेश्वरी बधाण देवराड़ा-थराली ने जिलाधिकारी को एक दो पेजों का पत्र भेजकर जिला प्रशासन का गैर परंपरागत यात्राओं के आयोजन के लिए कोई भी दायित्व निधारण करना न्याय संगत नही होगा। कहा गया है कि बड़ी जात आयोजन समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सहयोगियों के द्वारा 4 व 5 सितंबर को सोशल मीडिया में अपमानजनक भाषा एवं गाली गलौज को बढ़ावा दिया गया।इस वर्ष बसंत पंचमी के मौके पर भारी दबाव के साथ बधाण के नंदा देवी के पुजारियों को एक गैर परंपरागत यात्रा में सामिल कर कार्यक्रम जारी किया गया। जबकि वें 2027 में प्रस्तावित श्री नंदादेवी राजजात के पक्षधर हैं।पत्र में कहा गया है कि बधाण के हक-हकूकधारियों की देवराड़ा,कुलसारी, थराली,वांण,मंदोली में आयोजित बैठकों में लोगों ने बड़ी जात का कलैंडर समाप्त कर लोकजात का कलैंडर जारी करने की मांग की थी,उन बैठकों में बधाण के नंदा पुजारियों के साथ ही। बड़ी जात समिति के अध्यक्ष स्वयंम उपस्थित थे। बताया कि केंद्रीय समिति का उद्देश्य सिद्धपीठ बधाणगढ़ी,देवराड़ा व कुरूड़ का सुव्यवस्थित विकास करना है।पत्र में कहा गया है कि बधाण की नंदा देवी के पुजारियों को कथित रूप से गद्दार कहा जा रहा है जिसका केंद्रीय समिति विरोध करती हैं। अध्यक्ष ने आयोजित की जा रही बड़ी जात यात्रा को गैर पारंपरिक बताते हुए महंत ना दिए जाने की बात कही है।
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केंद्रीय समिति ने थराली थानाध्यक्ष को एक अन्य पत्र भेज कर चेपड़ो,धरा, इच्छोली, फल्दियागांव,मंदोली व वांण में बधाण की डोली की अतिरिक्त सुरक्षा किए जाने की मांग करते हुए कहा है कि डोली को साजिशन अन्य रूटों से ले जाया जा सकता हैं।इस पत्र में अध्यक्ष सुशील रावत, सचिव पृथ्वीराज बुटोला,कलम सिंह बिष्ट,लीगल एडवाइजर देवी दत्त कुनियाल,भुवन हटवाल, देवेंद्र सिंह रावत बुटोला के हस्ताक्षर मौजूद हैं।











