हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली/नंदा धाम कुरूड़।
नंदा धाम कुरूड़ से चली नंदादेवी की तीनों डोलियां अलग-अलग गांवों, कस्बों क्षेत्रों से होते हुए लगातार कैलाश की और बढ़ रही हैं
। यात्रा मार्ग पर नंदा भक्त जिस गर्मजोशी, आदर-सत्कार एवं अपनत्व के साथ यात्रा का स्वागत कर रहे हैं उनकी झलक देखते ही बन रही हैं। यात्रा में सम्मिलित यात्रियों को उबड़-खाबड़ रास्तों,गद्देरों, नालों को पार करने में भी किसी तरह की दिक्कतें नही हो रही हैं,देवी भक्त पूरे जोश के साथ नंदा की डोलियों के साथ आगे बढ़ रहें हैं।
बुधवार को बधाण की नंदादेवी राजराजेश्वरी मां भगवती की उत्सव डोली त्रियोदशी/ चतुर्दशी के पर्व पर नंदानगर(घाट) के भेंटी,स्यारी, बंगाली होते हुए पिंडर घाटी के विकासखंड थराली के सोल डुंग्री पहुंच गई हैं।इस दौरान सोल डुंग्री सहित पूरे यात्रा रूट पर नंदा भक्तों ने नंदा के जयकारों के साथ ही पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी करीब 15 किलोमीटर के कठिन मार्ग को पार कर डुंग्री पहुंची देव यात्रा का डुंग्री गांव सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने भव्य रूप से स्वागत किया यहां पर रात्रि जागरण कर देवी की स्तुति की जाएगी। यात्रा मार्ग पर मंदिर समिति कुरुड़ के अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मनशा राम गौड़, योगेश्वर प्रसाद गौड़, कन्हैया प्रयास गौड़,बची राम गौड़, राजेश गौड़ आदि नंदा के पुजारियों ने देवी भक्तों की पूजा अर्चना सम्पन्न करवाईं। गुरुवार को देवा यात्रा करीब 12 किलोमीटर की यात्रा तय कर डुंग्री से केरा-मेन होते हूं सूना गांव पहुंचेगी जहां पर अमावस्या के दिन कालरात्रि का आयोजन कर यंत्र की पूजा अर्चना की जाएगी। इसके अलावा रात्रि जागरण किया जाएगा।
*परगना बण्ड* दशोली ब्लाक के विभिन्न गांवों का भम्रण करते हुए कैलाश की ओर बढ़ रही नंदा यात्रा अपने 5 वें पड़ाव पर पहुंच गई हैं।आज प्रातः पूजा-अर्चना के बाद देव डोली नोरख गांव से विदा हो कर मल्ला, अक्थला, नंदा देवी मंदिर नंदुली, रैतोली होते हुए करीब 16 किलोमीटर की यात्रा कर 5 वें पड़ाव कम्यार गांव पहुंच गई हैं।इस दौरान पूरे यात्रा मार्ग पर यात्रा का देवी भक्तों ने भव्य रूप से स्वागत करते हुए पूजा-अर्चना कर अपने एवं क्षेत्र की खुशहाली की मनौतियां मांगी। कल (आज) यात्रा कम्यार से किरोली गांव पहुंचेगी जहां पर देव पूजन का आयोजन किया जाएगा।
*परगना दशोली* दशोली की नंदा डोली अपने 5 वें पड़ाव मटेई ग्वाड़ गांव पहुंच गई हैं। बुधवार को यात्रा सेमा गांव से विदा हुई और बैरासकुंड़,इतमोली,दूबडखेत होते हुए करीब 10 किलोमीटर की यात्रा पैदल चलकर मटई ग्वाल गांव पहुंची।इस दौरान यात्रा मार्ग पर गांव के ही नही आसपास के गांवों के देवी भक्तों ने देवी की पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी। गुरुवार को यात्रा करीब 25 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर छ्ठे पड़ाव पगना गांव पहुंचेगी। यात्रा के साथ चल रहे मंदिर समिति कुरूड़ के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला ने बताया कि पूरे यात्रा रूट पर यात्रा को लेकर देवी भक्तों में जबरदस्त उत्साह हैं, प्रति दिन सैकड़ों की संख्या में नंदा भक्त देवी की डोली की पूजा-अर्चना करने के साथ ही भेट पवाड़ा देवी के चरणों में अर्पित कर रहें हैं।











