डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखंड शासन की ओर से आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025-26 के पुरस्कार वितरण समारोह में शहीद दुर्गामल्ल पीजी कॉलेज, डोईवाला ने तरुण सभा प्रतियोगिता में एक बार फिर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में रामचंद्र उनियाल पीजी कॉलेज, उत्तरकाशी ने द्वितीय और राजकीय पीजी कॉलेज, रुद्रपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और संबंधित अधिकारियों को समारोह में सम्मानित किया गया।
बुधवार को ऋषिकेश रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान सत्र 2025-26 में आयोजित तरुण सभा एवं किशोर सभा प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए।
अपर सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि तरुण सभा प्रतियोगिता में डोईवाला महाविद्यालय ने प्रथम, रामचंद्र उनियाल पीजी कॉलेज, उत्तरकाशी ने द्वितीय, रुद्रपुर महाविद्यालय ने तृतीय, गोपेश्वर पीजी कॉलेज ने चतुर्थ तथा नई टिहरी महाविद्यालय ने पंचम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस सत्र में राज्य के 13 जनपदों के 76 महाविद्यालयों में युवा संसद एवं तरुण सभा का आयोजन किया गया।
किशोर सभा प्रतियोगिता में जनपद हरिद्वार के पीएम श्री राजकीय महाविद्यालय, रुड़की ने प्रथम स्थान हासिल किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, डोभालवाला, देहरादून ने द्वितीय और राजकीय महाविद्यालय, मैठाणा दशोली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। राजकीय इंटर कॉलेज, दूनाकोट, पिथौरागढ़ चतुर्थ तथा पीएम श्री राजकीय महाविद्यालय, बागेश्वर पंचम स्थान पर रहा।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट ने कहा कि युवा संसद केवल प्रतियोगिता या मंचन का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था की समझ बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और नागरिक दायित्वों की जानकारी मिल सके।
राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला ने राज्य, जिला, महाविद्यालय और विद्यालय स्तर पर युवा संसद कार्यक्रम के आयोजन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों में संसदीय कार्यप्रणाली की समझ विकसित होने के साथ ही नेतृत्व क्षमता और तार्किक अभिव्यक्ति का विकास होता है।
निदेशक उच्च शिक्षा के प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद डोबरियाल ने कहा कि युवा संसद में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ स्थानीय और क्षेत्रीय विषयों को भी प्रमुखता दी जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी कार्यक्रमों में स्थानीय समस्याओं एवं जनहित से जुड़े विषयों को शामिल किया जाए, ताकि विद्यार्थी अपने आसपास की सामाजिक समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना सीख सकें।
मुख्य अतिथि विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव सहदेव सिंह ने कहा कि भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवाओं को राज्य की प्रगति, उन्नति और विकास से जुड़े विषयों की जानकारी देना आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में अनुभाग अधिकारी अरविंदर सिंह ने भी सहभागिता की। विभिन्न जनपदों के नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने छात्र-छात्राओं के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। देहरादून जनपद की नोडल अधिकारी डॉ. अंजली वर्मा, हरिद्वार के नोडल अधिकारी गजेंद्र सिंह, ऊधमसिंह नगर के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अजीत सिंह सहित टिहरी, पौड़ी और अन्य जनपदों के नोडल अधिकारी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में हिमालय संरक्षण, संवर्धन और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ दिलाई गई। प्रभारी, विधि प्रकोष्ठ डॉ. राजकुमारी भंडारी ने उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय कार्यप्रणाली, नेतृत्व क्षमता, तार्किक अभिव्यक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना रहा। पुरस्कार वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ।











