डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। विद्युत विभाग द्वारा डोईवाला के ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने अधीक्षण अभियंता, देहरादून को ज्ञापन सौंपा। बुधवार को किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून स्थित विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचकर अधीक्षण अभियंता विजय कुमार सिंह से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि क्षेत्र के अधिकांश उपभोक्ता पुराने डिजिटल विद्युत मीटरों के आधार पर नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं तथा उनके मीटर सही ढंग से कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता पुराने मीटरों के स्थान पर नए स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना चाहते।
प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रसाद देवली ने कहा कि उत्तराखंड सरकार एवं विद्युत विभाग की इस कार्यप्रणाली पर संगठन अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज करता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों को लेकर विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।
भविष्य में इन्हें प्रीपेड करने की योजना भी बताई जा रही है, जिससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना के पीछे सरकार और विभाग पूंजीपतियों के हित में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सहित देश के कई राज्यों में इस योजना का विरोध किया जा रहा है।
जिला सचिव पुरुषोत्तम बडोनी एवं संयुक्त मंत्री याकूब अली ने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब उपभोक्ताओं के लिए भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है। उनका कहना था कि यदि मीटरों को प्रीपेड किया गया तो आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
संगठन ने मांग की कि किसी भी उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं तथा डोईवाला एवं देहरादून के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए। अन्यथा संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
उधर, अधीक्षण अभियंता ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी भी विद्युत उपभोक्ता की इच्छा के विरुद्ध जबरन स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। ज्ञापन देने वाले में मंडल अध्यक्ष बलबीर सिंह, उपाध्यक्ष जाहिद अंजुम, सचिव अनूप कुमार पाल, उद्धव बलूनी आदि शामिल रहे।










