डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में बृहस्पतिवार को सेनानायक अर्पण यदुवंशी की अध्यक्षता में मासिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य वाहिनी की विभिन्न शाखाओं एवं प्रदेशभर में स्थापित एसडीआरएफ पोस्टों के कार्यों की समीक्षा करना, आगामी दायित्वों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना तथा कार्मिकों की समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा करना रहा।
सम्मेलन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर में स्थापित सभी एसडीआरएफ पोस्टों से सीधा संपर्क स्थापित किया गया। सेनानायक ने सभी पोस्ट प्रभारियों से वर्तमान परिचालन गतिविधियों, संसाधनों की उपलब्धता, मानसून के मद्देनजर तैयारियों तथा ड्यूटी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली।
साथ ही उन्होंने कार्मिकों की व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं की जानकारी लेकर उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में गत माह आयोजित सम्मेलन में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा भी की गई। विभिन्न शाखाओं द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन करते हुए सेनानायक ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
एसडीआरएफ की परिचालन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की खरीद के संबंध में अधिकारियों एवं शाखा प्रभारियों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक उपकरणों एवं नई तकनीकों का समावेश आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाएगा।
सम्मेलन में हाल ही में विभिन्न रेस्क्यू अभियानों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों की सराहना की गई। विशेष रूप से आरक्षी प्रेम सिंह द्वारा रुद्रप्रयाग जनपद में तेज बहाव के बीच फंसी महिलाओं के सफल रेस्क्यू तथा कांवड़ यात्रा ड्यूटी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं त्वरित रेस्क्यू कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एसडीआरएफ कार्मिकों की सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे साहसिक एवं समर्पित कार्य एसडीआरएफ की पेशेवर दक्षता और सेवा भावना का परिचायक हैं।
सेनानायक ने वर्तमान मानसून सीजन, कांवड़ यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा तथा चारधाम यात्रा के मद्देनजर सभी पोस्टों को पूर्ण सतर्कता और उच्च स्तर की तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा अथवा आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी रेस्क्यू टीमें आवश्यक उपकरणों, संचार साधनों एवं संसाधनों के साथ चौबीसों घंटे तैयार रहें।
बैठक के दौरान वाहिनी मुख्यालय में संचालित विभिन्न निर्माण एवं आधारभूत संरचना विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। सेनानायक ने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
सम्मेलन के अंत में सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण, टीमवर्क और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए एसडीआरएफ उत्तराखंड भविष्य में भी प्रत्येक चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए सदैव तैयार रहेगा।
सम्मेलन के दौरान सहायक सेनानायक सुशील रावत, शिविरपाल प्रमोद रावत, निरीक्षक संचार राम गोपाल, निरीक्षक कवींद्र सजवाण, सूबेदार मेजर जयपाल राणा, उपनिरीक्षक विजय रयाल आदि उपस्थित रहे।











