डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर ब्लॉक के शेरकी गांव में रविवार को प्लास्टिक प्रबंधन एवं स्वरोजगार पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम ‘कबाड़ से जुगाड़’ और ‘बाय-बाय प्लास्टिक’ अभियान के तहत संपन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण ‘देहरादून युवा नेटवर्क’ के 21 दिवसीय ‘टुगेदर फॉर ग्रीन टुमारो’ अभियान का हिस्सा था। यह अभियान 24 अप्रैल से 14 मई 2026 तक संचालित किया गया, जिसके तहत नेटवर्क के सदस्यों ने 10 विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
विद्यार्थियों को बोरे वितरित कर उनसे प्लास्टिक रैपर और पॉलीथीन एकत्र करने की अपील की गई। बच्चों के सहयोग से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा संग्रहित किया गया। संग्रहित प्लास्टिक कचरे को सामाजिक संस्था हेस्को के प्लास्टिक प्रबंधन विंग को सौंपा गया, जहां नई तकनीक के माध्यम से कृत्रिम टोकरियां तैयार की गईं।
इस पहल से ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। शिविर में मानवाधिकार संरक्षण एवं ग्रामीण विकास समिति, रानीचौरी (टिहरी गढ़वाल) के अध्यक्ष संजय बहुगुणा तथा उद्यमी सुषमा बहुगुणा ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में महिलाओं को प्लास्टिक कचरे से आकर्षक एवं मजबूत टोकरियां बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने बताया कि बेकार समझे जाने वाले प्लास्टिक को उपयोगी उत्पाद में बदलकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आय का स्रोत भी बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाओं ने इस पहल को स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्थानीय लोगों ने हेस्को, देहरादून युवा नेटवर्क तथा विशेषज्ञों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और महिला आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय पहल बताया। कार्यक्रम में हेस्को के प्रतिनिधि अंकित, हिमांशु के अलावा रेशमा, मीरा, प्रभा, रुक्मणी देवी, रीना, अनिता, पूनम, सविता आदि उपस्थित रहे।











