
हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
अब श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली से बधाण क्षेत्र के सयानो ने श्री नंदादेवी लोक जात यात्रा का नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा से 2026 का दिन पट्टा जारी किया कर दिया हैं, जारी दिन पट्टे के अनुसार 5 से 25 सितंबर तक यात्रा का आयोजन होगा।
बुधवार को नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा में बधाण के सयानो की एक बैठक देवराड़ा मंदिर समिति के अध्यक्ष भूवन हटवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई।इस बैठक में नंदादेवी
राजराजेश्वरी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील रावत, सचिव पृथ्वी सिंह बुटोला ने कहा कि श्री नंदादेवी राजजात यात्रा का आयोजन 2027 में होना सुनिश्चित हुआ हैं, इस कारण प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली नंदा की लोक जात का आयोजन इस वर्ष भी भव्य रूप से आयोजित की जाएगी, बताया कि थराली ,देवराड़ा ,कुलसारी व वांण में बैठकों के आयोजन एवं कुरूड़ के गौड़ ब्राह्मणों की राय से इस बार देवराड़ा से केंद्रीय समिति बधाण द्वारा यात्रा का लगपट्टा जारी किया जा रहा है। पूर्व में नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से जारी लगपट्टा में आंशिक संशोधन किया गया हैं।इस बार भी नंदा की लोक जात यात्रा वेदनी तक जाएगी वहां पर सप्तमी की जात के उपरांत यात्रा देवराड़ा के लिए वापस लौट जाएंगी।इस मौके पर यात्रा मार्ग एवं पड़ावों की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर कलम सिंह रावत, प्रेमशंकर सिंह रावत,गौरी देवी, लीला देवी,मनोज सिंह परिहार,दर्शन सिंह, मनमोहन सिंह, रणजीत सिंह,भुवन विक्रम सिंह, हरीश सती,आशा देवी,भुवन विक्रम सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए।
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केंद्रीय समिति मां नंदादेवी राजराजेश्वरी बधाण के अध्यक्ष सुशील रावत एवं सचिव पृथ्वीपाल सिंह बुटोला के नाम से जारी लोकजात के कार्यक्रम के अनुसार 5 सितंबर को यात्रा नंदानगर ब्लाक के नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से प्रस्थान कर रात्रि विश्राम चरबंग में करेगी 6 को चरबंगड से मदकोट,7 को मदकोट से उस्तोली,8 को उस्तोली से भेटी, 9 को भेटी से थराली ब्लाक के सोल डुंग्री 10 को डुंग्री से सूना,11 को सूना से थराली होते हुए चेपड़ो,12 को चेपड़ो से देवाल ब्लाक के धरातल्ला,13 को धरातल्ला से देवाल होते हुए इच्छोली,14 को इच्छोली से से फल्दियागांव,15 को फल्दियागांव से पिलखड़ा होते हुए मुंदोली,16 को मंदोली से लोहाजंग होते हुए वांण,17 को वांण से निर्जन पड़ाव गैरोली पातल,18 को गैरोली पातल से प्रातः वेदनी बुग्याल पहुंचेगी जहां पर नंदादेवी की जात (विशेष पूजा) कर नंदा को कैलाश विदाई के साथ ही यात्रा वापस लौट जाएंगी।18 को वापसी के तहत डोली बांक गांव रात्रि प्रवास के लिए पहुंचेगी,19 को बांक से ल्वाणी,20 को ल्वाणी से उलंग्रा,21 को उलंग्रा से बेराधार,22 को बेराधार से गोठिंड़ा,23 को गोठिंड़ा से कुराड़,24 को कुराड़ से ढुंगाखोली,25 को ढुंगाखोली से भेटा होते हुए सिद्धपीठ देवराड़ा पहुंचेगी जहां पूजा अर्चना के बाद देवी मंदिर के गर्भगृह में अगले 6 माह के लिए विराजमान हो जाएगी।











