हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। आखिरकार राज्य सरकार ने सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ के लिए स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय के भूमि स्थानांतरण की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे सवाण गांव के साथ ही विकासखंड देवाल के ग्रामीणों में पुनः उत्साह का संचार हो गया हैं।
पिछले एक दशक से विकासखंड देवाल के अंतर्गत सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग की जातें रही हैं,सवाड़ में केवी खोलने एवं संचालन शुरू करवाने के तहत ग्रामीणों ने पांच वर्ष पूर्व करीब 20 लाख रूपयों से अधिक लागत से टिनशेड़ो का निर्माण श्रमदान एवं विभिन्न माध्यमों से करवाया था। किंतु केवी की ना ही स्वीकृति मिली और ना ही कक्षाओं का संचालन शुरू हो पाया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी नाप भूमि भी माध्यमिक शिक्षा विभाग के नाम रजिस्ट्री कर दी ताकि शिक्षा विभाग इस भूमि को केवी संगठन के नाम हस्तांतरित कर सकें। पिछले वर्ष भारत सरकार के केवी संगठन ने सवाड़ में केवी की स्थापना की स्वीकृति प्रदान करते हुए बकायदा इस का जीओ जारी कर दिया था।तब अनुमान लगाया जा रहा था कि चालू शिक्षा सत्र से सवाड़ से केवी का संचालन शुरू हो जाएगा किंतु केवी के द्वारा तमाम आपत्तियों के साथ ही केवी के नाम भूमि दर्ज नही होने की बात करते हुए इस शिक्षा सत्र से कक्षाओं का संचालन शुरू नही किया गया। जिससे सवाड़ सहित देवाल ब्लाक में मायूसी छा गई थी।
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अमर शहीद सैनिक मेला समिति के अध्यक्ष दयाल बिष्ट, निवर्तमान अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट,सवाड़ की ग्राम प्रधान आशा धपोला ने बताया कि इसी माह के 20 जुलाई को उत्तराखंड सरकार के संयुक्त सचिव शिवस्वरूप त्रिपाठी ने जिलाधिकारी चमोली को भेजें एक पत्र में सवाड़ गांव में 1.803 हैक्टेयर भूमि जोकि निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग उत्तराखंड के नाम दर्ज हैं को केंद्रीय विद्यालय संगठन के पक्ष में हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। उत्तराखंड सरकार द्वारा भूमि को केवी के पक्ष में हस्तांतरित करने की कार्रवाई पर क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब जल्द ही भूमि हस्तांतरित होने के बाद सवाड़ में केवी का संचालन शुरू हो सकता हैं।











