कमल बिष्ट/उत्तराखण्ड समाचार।
कोटद्वार। बहुत ही दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि आर्य गिरधारी लाल महर्षि दयानंद ट्रस्ट (पंजी.) कोटद्वार के ट्रस्टी प्रख्यात समाजसेवी सत्यप्रकाश थपलियाल (89 वर्ष) ने बीती रात दिल्ली में अंतिम सांस ली।
वे कुछ समय से अस्वस्थ थे परन्तु अब सुधार की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन अचानक हार्ट अटैक आने से वे माता – पिता विहीन छात्रों को अनाथ कर चले गए। आज उनका पार्थिव शरीर कोटद्वार आएगा व कल उनका अंतिम संस्कार होगा। ईश्वरीय विधान के आगे हम सभी नतमस्तक हैं।
वे उत्तराखंड लोक साहित्य एवं सांस्कृतिक मंच कोटद्वार के संस्थापक अध्यक्ष थे, जिसके माध्यम से वह दीन दुखियों की निरंतर सेवा करते रहते थे। महर्षि दयानंद सरस्वती के अनुयायी थपलियाल जी नशाबंदी के लिए हर संभव प्रयास करते रहे, उनके नेतृत्व में कई आन्दोलन व संघर्ष हुए। थपलियाल जी विभिन्न संगठनों से जुड़े रहे व कई सम्मानों से सम्मानित थे। उनके जाने से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।











