• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

निर्माणाधीन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट साइट पर भारी लैंडस्लाइड

02/08/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
20
SHARES
25
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश तो कहा गया लेकिन कभी इस सपने को साकार ही नहीं किया जा सका. स्थिति यह रही कि नदियों के रूप में राज्य की बहुमूल्य संपदा का इस्तेमाल सरकारें नहीं कर पायीं, और बढ़ती मांग के बीच विद्युत संकट राज्य के विकास पर भारी पड़ने लगा है. हालांकि कुछ परियोजनाएं हैं जो अब भी राज्य की उम्मीद बनी हुई हैं. पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के लिए बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट हमेशा खतरे के रूप में देखे जाते रहे हैं. हालांकि राज्य में टिहरी बांध के रूप में एशिया के सबसे बड़े प्रोजेक्ट को स्थापित किया गया है. लेकिन इसके बाद पर्यावरण और भूगर्भीय वैज्ञानिक आधार पर ऐसे बड़े प्रोजेक्ट राज्य में पूरी तरह से रोके गए हैं. वैसे बड़े प्रोजेक्ट के रूप में कुछ दूसरी परियोजनाएं भी राज्य में बनी हैं. उत्तराखंड के जोशीमठ में हेलंग के पास निर्माणाधीन ‘विष्णुगाड़ पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना’ की डायवर्जन साइट पर शुक्रवार देर रात एक बड़ा हादसा हुआ. टीएचडीसी (तेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के इस प्रोजेक्ट की डैम साइट पर अचानक भारी लैंडस्लाइड हुई. जिसमें चट्टानें टूटने से 12 मजदूर घायल हो गए. लैंडस्लाइड के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. एक अधिकारी ने बताया, “निर्माणाधीन विष्णुगाड़ पीपलकोटी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट साइट पर डायवर्जन निर्माण कार्य के दौरान लैंडस्लाइड की वजह से अचानक पहाड़ का एक हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई.” इस हादसे में कई मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन 12 मजदूर चट्टानों की चपेट में आकर घायल हो गए. घायलों को फौरन नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति बेहतर बताई जा रही है. अधिकारी ने यह भी बताया कि हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) द्वारा संचालित इस डैम साइट पर उस वक्त करीब 200 मजदूर काम कर रहे थे. हादसे की सूचना मिलते ही टीएचडीसी और एचसीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए. घायल मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि घटना में 8 लोग घायल हुए हैं। 4 घायलों का टीएचडीसी चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया है। जबकि 2 गंभीर घायलों को स्वामी विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में उपचार किया जा रहा है। वहीं पीपलकोटी में ही एक व्यक्ति का प्लास्टर करवाया जा रहा है। जबकि 1 गंभीर घायलों को मेडिकल कालेज श्रीनगर रेफर किया गया है। हेलंग के समीप निर्माणाधीन एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट साइट के पास पहाड़ एक बार फिर से ढहकर धड़ाम से नीचे गिर गया. इस हादसे में कंपनी के 8 मजदूर घायल हो गए. मामला जोशीमठ के पास हेलंग के टीएचडीसी के बैराज साइड का है. यहां पहाड़ी टूटने से अफरा तफरी मच गई. बताया जा रहा है कि इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूर साइट पर कार्य कर रहे थे. प्रारंभिक तौर पर 12 मजदूरों के घायल होने की सूचना है. इस दौरान डैम साइड पर अफरा तफरी का माहौल बन गया.स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञों के अनुसार, चमोली जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है. हिमालयी राज्य पर्यावरण संरक्षण और विकास लक्ष्यों में सामंजस्य स्थापित करने की जटिल चुनौती का सामना कर रहे हैं। हालाँकि जलविद्युत ऊर्जा सुरक्षा में तो योगदान दे सकता है, लेकिन इसके पर्यावरणीय प्रभावों पर सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए पड़ोसी देशों के बीच सहयोगात्मक प्रयास आवश्यक हैं। पर्यटन-संचालित विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच नाजुक संतुलन को स्थायी नीतियों के माध्यम से बरकरार रखा जाना चाहिए। इस जटिल क्षेत्र में संतुलन एवं सतत विकास करने के लिए, हिमालयी राज्यों को एक ऐसा रास्ता तय करना होगा जो आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करे। उत्तराखंड में ऊर्जा को लेकर इस संकट के बीच एक सवाल यह भी है कि यदि राज्य अपनी जरूरत की बिजली भी उत्पादन नहीं कर पा रहा है तो फिर उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश क्यों कहते हैं. इसके पीछे की वजह वह नदियां और ग्लेशियर हैं जो प्रदेश को निर्बाध धाराप्रवाह जल उपलब्ध कराता है. एक अनुमान के अनुसार प्रदेश में मौजूद नदियों से उत्तराखंड करीब 20,000 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन कर सकता है. जबकि प्रदेश अभी इसका एक चौथाई भी उत्पादन नहीं कर रहा है. प्रदेश में बिजली की मांग के सापेक्ष उत्पादन अभी तक उत्साहजनक नहीं हो पाया है। हाइड्रो पावर की परियोजनाएं कानूनी पचड़ों में फंसने के चलते ऊर्जा प्रदेश का सपना अब तक अधूरा है। खुद ऊर्जा विभाग भी ये मानता है कि जल विद्युत परियोजनाएं अटकने से राज्य को भारी नुकसान हुआ है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यही है कि बारिश टुकड़ों टुकड़ों में होगी और वो बाढ़ के रूप ले लेगी. क्योंकि पूरी व्यवस्था को मानव में खराब कर दिया है. इंसान प्रकृति के प्रबंधन को नहीं समझे हैं, जो आने वाले समय में लोगों के लिए काफी कष्टदायी साबित होगी. यह हादसा उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. लगातार बारिश और भूस्खलन के बीच मजदूर जोखिम भरे हालात में काम कर रहे हैं. पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि पहाड़ों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य पर्यावरणीय संतुलन को नुकसान पहुंचा सकते हैं. उनका कहना है कि ऐसी परियोजनाओं को लागू करने से पहले भूगर्भीय और पर्यावरणीय अध्ययन को और गंभीरता से लेने की जरूरत है.  *लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।*

Share8SendTweet5
Previous Post

दिग्गजों में शुमार थे स्व. सोबन सिंह जीना

Next Post

सिंचाई विभाग के चयनित 144 अभ्यर्थियों एवं परिवहन निगम में मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत 43 पात्र आश्रितों को नियुक्ति पत्र वितरित किए

Related Posts

उत्तराखंड

दो दिन बाद होनी थी शादी, फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

April 25, 2026
195
उत्तराखंड

मध्य हिमालय की ढलानों पर अस्थिर हुए ग्लेशियर

April 25, 2026
8
उत्तराखंड

ऐसा राष्ट्रकवि जिसने लोगों के दिलों पर राज किया

April 25, 2026
12
उत्तराखंड

डॉ यशोधर मठपाल उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर

April 25, 2026
12
उत्तराखंड

श्री केदारनाथ धाम में उमड़ रहा आस्था का सैलाब, मात्र चार दिनों में 124782 श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दिव्य दर्शन

April 25, 2026
10
उत्तराखंड

बारहवीं की छात्रा तृप्ति डिमरी ने 95.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जनपद चमोली मे पहला स्थान प्राप्त किया

April 25, 2026
14

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67678 shares
    Share 27071 Tweet 16920
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45776 shares
    Share 18310 Tweet 11444
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38051 shares
    Share 15220 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37438 shares
    Share 14975 Tweet 9360
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37330 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

दो दिन बाद होनी थी शादी, फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

April 25, 2026

मध्य हिमालय की ढलानों पर अस्थिर हुए ग्लेशियर

April 25, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.