• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

उत्तराखंड में घातक शिकारियों की बढ़ती संख्या बनी सिरदर्द

19/11/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
9
SHARES
11
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली आबादी हमेशा चुनौतियों से घिरी रहती है. मॉनसून सीजन में बारिश और भूस्खलन अक्सर पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को गहरा जख्म देते आ रहे हैं. हालांकि, ये चुनौतियां 3 से 4 महीने मॉनसून के दौरान की ही होती हैं, लेकिन एक बड़ी चुनौती ऐसी भी है जो अब 12 महीने लोगों की जान आफत में डाल रही है. अब आलम ये है कि इन बढ़ती चुनौतियों के कारण लोगों के मन में डर काफी बढ़ गया है, और ये डर है वन्यजीव और मानव के बीच बढ़ते संघर्ष का.उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में आबादी के बीच अक्सर गुलदार और बाघों की मौजूदगी दर्ज की जाती है. लेकिन अब भालू ने भी अपनी दस्तक से लोगों की दशहत को कई गुना बढ़ा दिया है. प्रदेश के खासकर गढ़वाल क्षेत्र में भालू द्वारा ग्रामीणों पर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. दहशत के कारण ग्रामीणों ने शाम होते ही घरों से निकलना बंद कर दिया है. भालुओं के इन हमलों में इस साल अबतक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. हालात ये हैं कि विभाग एक जिले से भालू के आतंक को खत्म करने की रणनीति बनाता है, लेकिन तब तक दूसरा जिला भालू से आतंकित हो रहा होता है. उत्तराखंड का गढ़वाल रीजन इस वक्त भालुओं के आतंक से भयभीत है. ये विशालकाय जानवर लोगों के ऊपर इस कदर हमला कर रहा है कि या तो लोग अपाहिज हो रहे हैं, या अंग-भंग हो रहे हैं या फिर जान गंवा रहे हैं. अपने शिकार को सूंघने में काफी शातिर ये शिकारी दबे पांव दिन और रात लोगों पर हमला कर रहा है. ताजा मामला पौड़ी गढ़वाल जिले का है. बीती 17 नवंबर (सोमवार) की सुबह पौड़ी गढ़वाल के बीरोंखाल ब्लॉक में एक भालू ने 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी (पत्नी महिपाल सिंह) पर हमला कर उनको गंभीर रूप से घायल कर दिया. लक्ष्मी देवी हर रोज की तरह ही गांव के पास घास काटने गई थीं. उनके साथ गांव की तीन-चार अन्य महिलाएं भी थीं. इसी दौरान झाड़ियों में छिपे भालू को वो देख न सकीं और भालू ने महिला पर अचानक हमला कर दिया. ऐसा नहीं है कि उत्तराखंड में भालू ही सबसे ज्यादा आतंकित कर रहे हैं. देखा जाए तो लोगों पर हमला करने में गुलदार सबसे आगे हैं. उत्तराखंड वन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, साल 2000 से लेकर 17 नवंबर 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि गुलदार ने अब तक 546 लोगों की जान ली है. जबकि 2,126 लोग घायल हुए हैं. इसी तरह से हाथी ने 230 लोगों की जान ली है. जबकि 234 लोग हाथी के हमले में घायल हुए हैं. इसी तरह बाघ ने 106 लोगों की जान ली है. जबकि 134 लोग घायल किए हैं. इसी तरह से भालू ने 71 लोगों की जान ली, जबकि 2,009 लोग घायल किए हैं.इसके अलावा अन्य जानवर भी उत्तराखंड में लोगों की जान लेते रहे हैं. सर्पदंश के मामले में अब तक 260 लोग मारे जा चुके हैं. जबकि 1,056 लोग सांप के काटने से घायल हुए हैं. जंगली सूअर भी 30 लोगों की जान ले चुके हैं. जबकि 663 लोगों को उन्होंने घायल किया है. बंदर अब तक 211 लोगों को घायल कर चुके हैं. ततैया 10 लोगों की जान ले चुकी हैं और 16 लोगों को घायल कर चुकी हैं. मगरमच्छ भी उत्तराखंड में 9 लोगों की जान ले चुके हैं, जबकि 44 लोग मगरमच्छ के हमलों से घायल हुए हैं. वहीं, लगातार घट रही इन जानलेवा घटनाओं के बाद भयग्रस्त ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है. ग्रामीणों का आरोप है कि आम आदमी के जीवन की कोई कीमत नहीं रह गई है. इस तरह के हमलों के कारण लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से भालू और गुलदार की आवाजाही लगातार बढ़ रही है. ऐसे में संभावित क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा गश्त बढ़ाई जाए. हमलावर वन्यजीवों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं. उत्तराखंड में गुलदारों के बढ़ते हमलों के बीच लेपर्ड पॉपुलेशन मैनेजमेंट पॉलिसी का जिक्र होने लगा है. राष्ट्रीय स्तर पर वाइल्ड लाइफ को लेकर काम करने वाले विशेषज्ञ अब राज्य में गुलदारों की संख्या को नियंत्रित करने का सुझाव दे रहे हैं. हालांकि इसके लिए बड़े स्तर पर अध्ययन की भी जरूरत बताई जा रही है. दरअसल, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में वन विभाग के पास गुलदारों की सटीक संख्या तक नहीं है. अब तक केवल तराई क्षेत्रों में इनकी गिनती की गई है. 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में न तो गिनती हुई है और न ही इनके व्यवहार का अध्ययन. जबकि संघर्ष के सबसे ज्यादा मामले अब पर्वतीय इलाकों से आ रहे हैं. आबादी को संतुलित करना और इनके आवास क्षेत्रों का वैज्ञानिक पुनर्गठन जरूरी है. यानी राज्य को लेपर्ड पॉपुलेशन मैनेजमेंट पॉलिसी बनानी चाहिए, ताकि संरक्षण और नियंत्रण दोनों साथ चल सकें.फिलहाल, उत्तराखंड वन विभाग केवल प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू और मॉनिटरिंग तक ही सीमित है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि अगर अब भी इस दिशा में ठोस नीति नहीं बनी, तो आने वाले सालों में यह संघर्ष और घातक रूप ले सकता है. हालांकि वन विभाग मानव-वन्य जीव संघर्ष को लेकर हर तरह के उपाय की जाने की बात कहता है.पीसीसीएफ वन्यजीव कहते हैं कि गुलदार की संख्या बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग लगातार ऐसी स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं और मानव-वन्यजीवों के संघर्ष को रोकने के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया गया है, ताकि ऐसे संघर्ष कम किये जा सके. उधर तमाम प्रयासों के बावजूद भी जिन लोगों के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं, उन्हें सरकार मुआवजा देने का काम भी कर रही है. *लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं*

Share4SendTweet2
Previous Post

हिमालय की गोद में अनियंत्रित पर्यटन और अंधाधुंध विकास से चारधाम

Next Post

पुलिस महानिरीक्षक ने किया एसडीआरएफ मुख्यालय का औचक निरीक्षण

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर रैतिक परेड का किया निरीक्षण

December 8, 2025
10
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टॉपर छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” पर रवाना किया

December 8, 2025
7
उत्तराखंड

मोनाड यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा लेकर उत्तराखंड में भी पा ली नौकरी

December 8, 2025
10
उत्तराखंड

संकट में चकराता का सुर्ख राजमा!

December 8, 2025
9
उत्तराखंड

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण द्वारा सीडीएस बिपिन रावत की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित करी गई

December 8, 2025
28
उत्तराखंड

ग्वालदम-नंदकेशरी -देवाल-वांण-तपोवन मोटर सड़क को लोक निर्माण विभाग से हटाकर बीआरओ को सौंपने के निर्णय पर मुख्यमंत्री और विधायक का धन्यवाद

December 8, 2025
164

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67535 shares
    Share 27014 Tweet 16884
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45762 shares
    Share 18305 Tweet 11441
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38038 shares
    Share 15215 Tweet 9510
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37427 shares
    Share 14971 Tweet 9357
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37307 shares
    Share 14923 Tweet 9327

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर रैतिक परेड का किया निरीक्षण

December 8, 2025

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टॉपर छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” पर रवाना किया

December 8, 2025
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.