डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। न्याय पंचायत थानो क्षेत्र के अंतर्गत बड़ासी ग्रांट के धनयाड़ी में जंगली हाथी के हमले में अंजली गुप्ता की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सोमवार देर शाम गली में खड़े एक जंगली हाथी ने अपने प्रतिष्ठान की ओर जा रही महिला पर हमला कर दिया। घायल महिला को उपचार के लिए सीएमआई अस्पताल, देहरादून ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षेत्र में लगातार जंगली हाथियों की आवाजाही से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसके बावजूद वन विभाग समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा, जिसके कारण एक निर्दोष महिला की जान चली गई।
कांग्रेस के परवादून जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि धनयाड़ी की घटना अत्यंत दुखद है और यह वन विभाग की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस जंगली हाथी के हमले में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ग्रामीण लंबे समय से जंगली हाथियों के आतंक से परेशान हैं, लेकिन सरकार और वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर संबंधित जंगली हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मृतका के परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा, हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी वन प्रबंधन योजना लागू करने की मांग की।
डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह चौधरी ने कहा कि यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद और चिंताजनक है। ग्रामीण लंबे समय से जंगली हाथियों के आतंक से जूझ रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में स्थायी समाधान के लिए सोलर फेंसिंग, नियमित गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने की मांग की।
ग्राम प्रधान बड़ासी राहुल मनवाल ने कहा कि ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। एक परिवार ने अपना सदस्य खोया है और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। यदि प्रशासन और वन विभाग ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीणों का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वन विभाग के रेंजर और वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता के बाद धरना समाप्त किया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में कांग्रेस सेवादल की प्रदेश अध्यक्ष हेमा पुरोहित, रेनू चुनारा, पाववाला सौडा के ग्राम प्रधान करण रावत, नरेंद्र सौलंकी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
उधर, थानो वन क्षेत्राधिकारी एनएल डोभाल ने बताया कि बुधवार को ग्रामीणों की देहरादून डीएफओ के साथ वार्ता कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सोलर फेंसिंग लगाने और सड़क के दोनों ओर झाड़ी कटान का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों की जो मांगें हैं, जिनमें पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देना और हाथी को दूसरे क्षेत्र में भेजना शामिल है, वे हमारे स्तर के कार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को बुधवार को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और एक सप्ताह के भीतर सात लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि मुहैया कराई जाएगी।











