डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। भारत-अमेरिका ट्रेड डील (द्विपक्षीय व्यापार समझौता) के विरोध में किसानों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत सरकार के खिलाफ पुतला फूंककर विरोध-प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान डोईवाला सहकारी गन्ना समिति के किसान भवन में एकत्रित हुए। यहां से किसानों ने अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नगर चौक पहुंचकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया।
किसानों का आरोप है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील देश के किसानों, डेयरी उत्पादकों तथा आम जनता के हितों के खिलाफ है। उनका कहना है कि यह समझौता किसानों और मजदूरों के लिए किसी डेथ वारंट पर हस्ताक्षर करने जैसा है। इसी के विरोध में पूरे देश में किसान और मजदूर सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह ने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के दबाव में जनता के हितों के विरुद्ध फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के दुष्परिणाम भविष्य में देश की जनता को भुगतने पड़ेंगे। यही कारण है कि आज किसान और मजदूर वर्ग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर है।
सपा नेता फुरकान अहमद कुरैशी ने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के सामने पूरी तरह झुक गई है और उसके दबाव में जनता के हितों के खिलाफ निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी कर किया जा रहा यह समझौता निंदनीय है।
किसान सभा के प्रदेश महामंत्री भोपाल सिंह रावत तथा सीपीआई (एम) के प्रदेश सचिव राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी दुनिया में अपनी मनमानी थोपना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका विभिन्न देशों पर भारी शुल्क लगाकर अपने व्यापारिक हितों को बढ़ावा देना चाहता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील से केवल किसान ही नहीं, बल्कि आम जनता, व्यापारी और मजदूर वर्ग भी प्रभावित होंगे। यदि अमेरिकी उत्पाद बिना या कम शुल्क के भारतीय बाजार में आएंगे तो देश के किसानों और स्थानीय व्यापार को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस दौरान जिला अध्यक्ष दलजीत सिंह, सचिव पुरुषोत्तम बडोनी, मंडल अध्यक्ष बलबीर सिंह, याकूब अली, जाहिद अंजुम, कमल अरोड़ा, कृष्ण गुनियाल, मनोज नौटियाल, इंद्रजीत सिंह, जगजीत सिंह, प्रेम सिंह पाल, अनूप कुमार पाल, सरजीत सिंह, हरबंस सिंह आदि मौजूद रहे।











