हिम क्रिडा केंद्र औली में छाई है वीरानी

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फोटो- हिमक्रीडा केन्द्र औली मे छाई वीरानी।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। विश्व विख्यात हिकमक्रीडा केन्द्र औली में भी छाई है, वीरानी, मई के महीने में तो औली प्रकृति प्रेमी पर्यटकों से पटा रहता था, कोविड-19 के कारण यहाॅ भी पसरा है सन्नाटा।
प्रकृति प्रेमी पर्यटकों का स्वर्ग औली मे इन दिनों वीरानी छाई है, कोविड-19 महामारी ने जहाॅ तीर्थस्थलों को वीरान कर दिया है, वही राज्य के पर्यटन स्थलों मे भी सन्नाटा पसरा है। कुछ दिन पूर्व तक लग रहा था कि राज्य के घरेलू पर्यटको व तीर्थयात्रियों की आवाजाही शुरू होने से कुछहद तक तो चहल-पहल शुरू होगी लेकिन राज्य के सभी जनपदों का ओरंेज जोन मे सम्मलित हो जाने के बाद यह उम्मीद भी नही रह गई है।
विश्व विख्यात हिमक्रीडा केन्द्र औली के विश्व पर्यटन मानचित्र पर छाने के बाद यहाॅ प्रतिवर्ष हजारों ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन पर्यटकों का हुजूम उमडता है।और श्री बदरीनाथ के कपाट खुलने व विश्व धरोहर फूलों की घाटी खुलने के बाद इन क्षेत्रों मे आने वाले धार्मिक एवं प्रकृति प्रेमी पर्यटक अवश्य ही औली का दीदार करने पंहुचते है। श्री बदरीनाथ, फूलों की घाटी व हेमकुंड साहिब-लोकपाल आने वाले तीर्थयात्री व पर्यटक देश की सबसे लंबी रोप-वे ’’जोशीमठ-औली’’ की सैर करने के साथ ही औली मे स्थापित चियर लिफ्ट का आंनद उठाने के लिए भी लालायत रहते हैं,लेकिन कोविड-19 ने इस बार रोप वे तथा चियर लिफ्ट के चक्के जाम तो कर ही दिए , पर्यटन ब्यवसाय को भी बुरी तरह चैपट करके रख दिया।
औली पर्यटन मानचित्र पर आने के बाद जोशीमठ से औली तक दर्जनों युवावों ने छोटे-बडे हटस, टैण्ट कालोनी व रिसोर्ट के माध्यम से पर्यटन ब्यवसाय से जुड कर स्वरोजगार अपनाया। लेकिन उनकी भी उम्मीदों पर इस वर्ष पानी फिर गया है। औली मे ही गढवाल मंण्डल विकास निगम को आलीशान स्की रिसोर्ट है, जहाॅ वर्षभर आॅन लाइन बुकिंग व कंरट बुकिंग के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती हैं। अकेले जीएमवीएन की बात करे तो गत वर्ष मई महीने मे 1869 पर्यटकों ने प्रवास किया। जीएमवीएन औली रिसोर्ट के बरिष्ठ प्रबधक नीरज उनियाल के अनुसार गत वर्ष मई महीने मे 1869पर्यटक तो रिसोर्ट मे प्रवास के लिए पंहुचे इनके अलावा दिन भर मे औली की सैर करने वाले पयटकों से भी रेस्टोरंेट व बार के माध्यम से भी निगम को आय हुई है। अकले मई महीने मे ही निगम को करीब 43लाख रूपया से अधिक की आय पयर्टको से प्राप्त हुई।
अब कब तक पर्यटक स्थलों मे आवाजाही शुरू हो सकेगी इस पर ही पर्यटन ब्यवसाय से जुडे युवावों के साथ जीएमवीएन की भी निगाहे होगी।

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