डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
पौड़ी जनपद के पाबो विकासखंड के युवा अंकित शर्मा ने ‘जुगनू’ नाम का एक नया राइड-बुकिंग एप्लीकेशन तैयार किया है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन की समस्या को आसान बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. यह एप्लीकेशन दोपहिया और चौपहिया दोनों प्रकार के वाहनों के लिए उपलब्ध होगी, जिससे लोग आसानी से अपनी राइड बुक कर सकेंगे. आमतौर पर ऐसी सुविधाएं मैदानी इलाकों में Ola, Uber और Rapido जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए पहले से मौजूद हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में यह सुविधा अब तक सीमित रही है. अंकित शर्मा जिन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण क्षेत्र से प्राप्त की और बाद में देहरादून से पढ़ाई पूरी की, उन्होंने नौकरी के साथ-साथ इस एप्लीकेशन को विकसित किया. उनकी यह पहल स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है, जिससे पहाड़ के लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके. वर्तमान में ‘जुगनू’ एप श्रीनगर, रुद्रप्रयाग में शुरू हो चुका है. अब पौड़ी में भी लॉन्च होने जा रहा है. ऐप के फाउंडर अंकित के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में संसाधनों की कमी के कारण लोगों को अक्सर पैदल चलना पड़ता है. रोजगार के अभाव में पलायन भी एक बड़ी समस्या है. ‘जुगनू’ ऐप के माध्यम से न केवल लोगों को घर तक परिवहन की सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को अपने वाहनों के जरिए रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे. खास बात यह है कि इस ऐप में रजिस्ट्रेशन के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है. पौड़ी जैसे पहाड़ी शहर में जहां अब तक ऑटो रिक्शा जैसी सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को आवागमन के लिए पैदल ही सफर तय करना पड़ता था, वहीं अब ‘जुगनू’ एप्लीकेशन लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आ रही है. इस ऐप की मदद से अब स्थानीय लोग आसानी से अपनी राइड बुक कर सकेंगे और उन्हें समय पर वाहन उपलब्ध हो पाएंगे फिलहाल हम लोगों से लगातार संवाद कर रहे हैं. युवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐप में रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. केवल वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज जैसे इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस जमा कराना होगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे. इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके. भारत का पहला ऑटो-रिक्शा एग्रीगेटर था जिसका उद्देश्य दैनिक यात्रा को आसान और भरोसेमंद बनाना था। दैनिक यात्रा में ऑन-डिमांड क्रांति लाने के बाद, हमने अपने दृष्टिकोण और सपने को और भी व्यापक रूप से विस्तारित किया और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.












