
डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में मंगलवार को सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने प्रशिक्षणरत पुलिस आरक्षियों का सम्मेलन लेकर प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की। इस अवसर पर सेनानायक ने प्रशिक्षण की प्रगति एवं गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने प्रशिक्षण अधिकारियों से प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए इंडोर एवं आउटडोर प्रशिक्षण, शारीरिक दक्षता, अनुशासन, व्यवहारिक अभ्यास सहित अन्य विषयों पर संचालित प्रशिक्षण की जानकारी ली तथा प्रशिक्षण को और अधिक आधुनिक, व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, प्रशिक्षणरत आरक्षियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली।
सम्मेलन के दौरान सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने आगामी कांवड़ यात्रा ड्यूटी के दृष्टिगत प्रशिक्षणार्थियों को अनुशासन, सतर्कता, शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस तथा जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी का व्यवहार, संयम एवं तत्परता ही विभाग की वास्तविक पहचान होती है। प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को स्वयं को हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के लिए तैयार रखना चाहिए।
उन्होंने प्रशिक्षण अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आरक्षी की व्यक्तिगत प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त अभ्यास एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाए, ताकि प्रशिक्षण पूर्ण होने तक प्रत्येक आरक्षी एक दक्ष, आत्मविश्वासी एवं पेशेवर पुलिसकर्मी के रूप में विकसित हो सके।
सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने सभी प्रशिक्षणरत आरक्षियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं अनुशासन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान प्रशिक्षण उनके व्यक्तित्व, कार्यकुशलता एवं सेवा भावना को सुदृढ़ बनाते हुए भविष्य में उन्हें उत्तराखण्ड पुलिस की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस दौरान उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक संजय उप्रेती, आर.आई. आरटीसी मधु रावत, सूबेदार मेजर जयपाल राणा आदि रहे।











