डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बटालियन के कमांडर रहे स्वतंत्रता सेनानी मेजर देव सिंह दानू के गांव पिनाऊं में आज भी सड़क नहीं पहुंची। 2015 में स्वीकृत व दो- दो मुख्यमंत्रियों की घोषणा के बाद भी 23 किमी की धुराधारकोट- वांक- पिनाऊं सड़क की फाइल लोनिवि व वन विभाग के कार्यालय में चक्कर लगा रही है। ब्लॉक के दूरस्थ गांव पिनाऊं को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2015 में स्वीकृति मिली। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने वर्ष 2016 में वाण में इस सड़क के निर्माण की घोषणा की। लेकिन सड़क नहीं बनी। ग्रामीणों की लगातार मांग के बाद वर्ष 2018 में पूर्व सीएम ने लोहाजंग में इस सड़क के निर्माण की घोषणा की। लेकिन सड़क निर्माण की फाइल लोनिवि और वन विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रही है और ग्रामीण 6 किमी की पैदल दूरी नाप रहे हैं। मेजर देव सिंह दानू के पौत्र एडवोकेट प्रेम सिंह दानू व वांक गांव के विरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सड़क नहीं होने से कई लोग अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए यहां से अस्थायी तौर पर अन्यत्र बस गए हैं। गांव के बीमार, गर्भवती महिला व बुजुर्ग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। गांव में खच्चरों से राशन की सप्लाई होती है। कई बार मुख्यमंत्री, वन विभाग व लोनिवि के अधिकारियों को पत्र लिखने के बाद भी इस सड़क को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलीं। करीब पांच सौ आबादी की ग्राम पंचायत हरमल के लोग पांच किमी पैदल चलते हैं। वहीं झलिया ग्राम पंचायत के लोग सात किमी पैदल जा रहे हैं। सड़क नहीं होने से हरमल व झलिया ग्राम पंचायत के लोग राशन व भवन निर्माण की सामग्री खच्चरों से ले जाने को मजबूर हैं। विकास के नाम पर राजनीतिक दल सिर्फ वोट बटोरने का काम करते हैं. हर गांव में बिजली, पानी और सड़क सुविधा के वादे तो किए जाते हैं, ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के समय यहां पर नाले में पानी का स्तर बढ़ जाता है, जिससे बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते हैं और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है. वहीं, अगर गांव में कोई बीमार हो जाए, तो उसे कंधों पर या पालकी में उठा कर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी ग्रामीण सड़क सुविधा न होने का दंश झेल रहे हैं. लेकिन चुनाव के बाद ये वादे और जनता दोनों को ही राजनीतिक दल भूल जाते हैं. लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.












